पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के फैसले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पुरानी पार्टी में उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी। उन्होंने कहा कि AAP में उनके सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया गया और जिस उद्देश्य से उन्होंने राजनीति में कदम रखा था, वह पूरा नहीं हो रहा था। इसी निराशा के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
पीटीआई के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में 46 वर्षीय हरभजन ने कहा कि 2022 में जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें AAP में शामिल होने के लिए कहा था, तब उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि राज्यसभा के माध्यम से खेलों के विकास से जुड़े मुद्दे उठाना था।
"मेरे विचार सिर्फ विचार बनकर रह गए"
उन्होंने कहा, "मैंने उस समय साफ कर दिया था कि मैं सिर्फ खेलों की बात करूंगा और राजनीति पर चर्चा नहीं करूंगा, क्योंकि यह मेरा काम नहीं है।" हरभजन के मुताबिक, उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए, लेकिन पार्टी में उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा, "जब मैंने अपने विचार सामने रखने की कोशिश की, तो पार्टी में मेरी बात नहीं सुनी गई। मेरे विचार सिर्फ विचार बनकर रह गए।" उन्होंने कहा कि अगर उनके सुझावों की दिशा में छोटा-सा कदम भी उठाया जाता तो वह पार्टी नहीं छोड़ते। लेकिन जिस काम के लिए उन्होंने AAP का साथ दिया था, वही पूरा नहीं हो रहा था।
"मैंने किसे धोखा दिया?"
AAP छोड़ने के बाद पार्टी की ओर से उन्हें और अन्य नेताओं को 'विश्वासघाती' बताया गया था। इस दौरान जालंधर स्थित हरभजन के घर के बाहर प्रदर्शन भी हुए और उनका पुतला जलाया गया। इन प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरभजन ने कहा कि वह प्रदर्शनकारियों के नाम नहीं लेना चाहते, क्योंकि सभी जानते हैं कि वे कौन थे और कहां से आए थे। उन्होंने सवाल किया, "जिस आम आदमी ने मुझे क्रिकेट की वजह से इतना प्यार दिया, वह मेरा पुतला क्यों जलाएगा या मेरे घर के बाहर 'गद्दार' क्यों लिखेगा? मैंने किसे धोखा दिया?"
पंजाब को लेकर AAP पर उठाए सवाल
उन्होंने AAP पर पलटवार करते हुए पंजाब को लेकर किए गए पार्टी के वादों पर भी सवाल उठाए। हरभजन ने कहा, "मेरा सवाल उनसे है कि पंजाब की जनता से किए गए बड़े-बड़े वादों का क्या हुआ? आपने पंजाब के लिए क्या किया? गद्दार कौन है?" उन्होंने कहा कि सिर्फ किसी को गद्दार कह देने से वह गद्दार नहीं बन जाता। हरभजन ने जोर देकर कहा कि उनका दिल भारत और पंजाब के लिए धड़कता है और देश के प्रति उनका प्रेम किसी के प्रमाणपत्र का मोहताज नहीं है।
बता दें कि हरभजन सिंह अप्रैल 2026 में AAP के छह अन्य नेताओं के साथ BJP में शामिल हुए थे। इससे पहले AAP ने उन्हें 2022 में राज्यसभा भेजा था।
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